हिंदी
हिंदी
हिन्दी है, हिन्द का जगमगाता हुआ, सितारा
सबके दिल से निकलता, जय हिंद का नारा
हिंदी, सुख-दुःख हर परिस्थिति की भयहारा
रोना हो, चाहे धोना हो, हिंदी तो है, अमृतधारा
जो बोलते है, हिंदी उनकी मिटती भय, बिंदी
हिंदी हम हिंदुस्तानियों का है, अटूट सहारा
हिंदी है, हमारे हृदय की एक ऐसी, पावनधारा
जिससे मिट जाता, मन कलुषित मेल हमारा
हिंदी तो है, हर भारतीय की आंखों का तारा
इससे मिट जाता है, भीतर का गूंगापन हमारा
जब भी होता है, साखी बहुत ही थका हारा
सो जाता है, हिंदी मां की पावन गोद में यारा
हिंदी से जुड़ा हुआ है, आत्मा से रिश्ता हमारा
हमें गर्व है, वतन हिंद, हिंदी है, हमारी नयनतारा।
