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Chetan Gondaliya

Inspirational

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Chetan Gondaliya

Inspirational

हे मानव !

हे मानव !

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हे मानव !

हो प्रकाशमान, चल उठ,

चल नित-नवीन बन कर।

त्यज आलस, निज गति कर तू

प्रकाशवेगी गतिमान बन कर।

पार कर कष्ट भव समंदर 

जैसे महाबल महामीन बन कर।


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