ananya rai
Action Classics Inspirational
जय अनीषा माँ तुम सर्वज्ञानी,
जय बानी माँ तुम वेद बखानी।
जय भारथी बुद्धि ज्ञान की देवी,
जय भारती माँ तुम बिल्वानी।
जय दिव्यंगा तुम ब्राह्मणी,
जय गिर्वाणी त्रिगुणा रानी।
हैं शरण तेरी माँ हे वाणी,
हरो तिमिर माँ विमला रानी।
संसार की जतन ...
फिर तुझे वो य...
मन
सुहानी शाम
विश्व माली
कहां जा रहे ह...
मेरे राम जी
दिल ने ये कहा...
ये ना पूछो कै...
करे कुछ काम अपने भी हाथों से, ले आंनद इस प्रकृति का भी। करे कुछ काम अपने भी हाथों से, ले आंनद इस प्रकृति का भी।
अब समझ आया क्यों मौन व्रत रखा जाता है अब समझ आया क्यों मौन व्रत रखा जाता है
हिम्मत जुटा लो किसी अपने को खोने के लिये, हिम्मत जुटा लो किसी अपने को खोने के लिये,
सत्य पथ पर चलना है प्रभु भक्ति नित्य करनी है। सत्य पथ पर चलना है प्रभु भक्ति नित्य करनी है।
जो बिना मौत मरे जा रहे हैं अब दर्द देखा नहीं जाता है ईश्वर क्षमा करो ! जो बिना मौत मरे जा रहे हैं अब दर्द देखा नहीं जाता है ईश्वर क्षमा करो !
यह शादी व्याह और मिलन है, यह जर्सी के नीचे पसीने की शीत है। यह शादी व्याह और मिलन है, यह जर्सी के नीचे पसीने की शीत है।
रेत पर लिखा था कुछ इस कदर मिटा दिया, अल्फाज़ उन तक पहुंचते उससे पहले मिटा दिया l रेत पर लिखा था कुछ इस कदर मिटा दिया, अल्फाज़ उन तक पहुंचते उससे पहले मिट...
ये शिकस्त का नहीं, हमारी फतह का रंग है जीत जायेंगे हम मास्क अगर संग है।। ये शिकस्त का नहीं, हमारी फतह का रंग है जीत जायेंगे हम मास्क अगर संग है...
सब तो पराए हो जाते है इन्हीं राहों में पर क्या करें हम भी तो जुड़ गए हैं, मोह होने पर। सब तो पराए हो जाते है इन्हीं राहों में पर क्या करें हम भी तो जुड़ गए हैं, मोह...
बस एक बार पर मिल जाए रुकूँ ना उड़ जाऊँ पंछी बनके। बस एक बार पर मिल जाए रुकूँ ना उड़ जाऊँ पंछी बनके।
काम कोई मुश्किल नहीं होता कोशिश करके तो देखो l काम कोई मुश्किल नहीं होता कोशिश करके तो देखो l
लेखन का महत्व समझ में आया, अब तक लिखना बदस्तूर जारी। लेखन का महत्व समझ में आया, अब तक लिखना बदस्तूर जारी।
ऐसा उपहार देंगे हम तुमको, बोलोगे जी शुक्रिया वाह-वाह। ऐसा उपहार देंगे हम तुमको, बोलोगे जी शुक्रिया वाह-वाह।
मैं एहसान साहित्य का मानता हूँ। हर एक भीड़ में भी मैं सबसे जुदा हूँ.... मैं एहसान साहित्य का मानता हूँ। हर एक भीड़ में भी मैं सबसे जुदा हूँ....
हे कलयुग के महामानव अब तो थोड़ा विचार करो। हे कलयुग के महामानव अब तो थोड़ा विचार करो।
चार दिन की चांदनी रातों, के बाद अमावस्या आनी। चार दिन की चांदनी रातों, के बाद अमावस्या आनी।
हो अगर कुछ उनको तो एहसान नहीं सम्वेदना व्यक्त करेंगे। हो अगर कुछ उनको तो एहसान नहीं सम्वेदना व्यक्त करेंगे।
प्रभु पद सेवा नित्य प्रतिदिन करते हमें जाना है प्रभु पद सेवा नित्य प्रतिदिन करते हमें जाना है
बस दुःखों को पार लगाते हैं, कुछ झूमते हैं, गाते हैं, कुछ नया गुनगुनाते हैं। बस दुःखों को पार लगाते हैं, कुछ झूमते हैं, गाते हैं, कुछ नया गुनगुनाते हैं...
आधे-अधूरे मन का काम सफल न होता, मनोयोग से होते सफल और होता है नाम। आधे-अधूरे मन का काम सफल न होता, मनोयोग से होते सफल और होता है नाम।