ananya rai
Action Classics Inspirational
जय अनीषा माँ तुम सर्वज्ञानी,
जय बानी माँ तुम वेद बखानी।
जय भारथी बुद्धि ज्ञान की देवी,
जय भारती माँ तुम बिल्वानी।
जय दिव्यंगा तुम ब्राह्मणी,
जय गिर्वाणी त्रिगुणा रानी।
हैं शरण तेरी माँ हे वाणी,
हरो तिमिर माँ विमला रानी।
संसार की जतन ...
फिर तुझे वो य...
मन
सुहानी शाम
विश्व माली
कहां जा रहे ह...
मेरे राम जी
दिल ने ये कहा...
ये ना पूछो कै...
हम पुराने जमाने के अंधविश्वासों को न माने हम पुराने जमाने के अंधविश्वासों को न माने
अपनों से थोड़े दूर जाकर, अपने आप को जीने की। अपनों से थोड़े दूर जाकर, अपने आप को जीने की।
घना यह बढ़ेगा, खिलेगा उपज आपको मिलेगा आपको और क्या चाहिए ? घना यह बढ़ेगा, खिलेगा उपज आपको मिलेगा आपको और क्या चाहिए ?
घना यह बढ़ेगा, खिलेगा उपज आपको मिलेगा... आपको और क्या चाहिए ? घना यह बढ़ेगा, खिलेगा उपज आपको मिलेगा... आपको और क्या चाहिए ?
सुन्दर दीपों की रोशनी में स्वदेशी दीपावली मनाओ। सुन्दर दीपों की रोशनी में स्वदेशी दीपावली मनाओ।
मां की पलकें दिल की गलियों में सबसे पहले हैं भीग जाती। मां की पलकें दिल की गलियों में सबसे पहले हैं भीग जाती।
जीवन का सच्चा अर्थ समझ ले इस जीवन को सफल बना ले। जीवन का सच्चा अर्थ समझ ले इस जीवन को सफल बना ले।
आँसू मत बहाया करो सारे जहाँ से नाता जोड़ो। आँसू मत बहाया करो सारे जहाँ से नाता जोड़ो।
दूसरों की मदद वे फ़रिश्ते से कम नहीं होते ! दूसरों की मदद वे फ़रिश्ते से कम नहीं होते !
और उसका सारा जीवन दुुख में बीत जाता है कि खजाना कहाँ है ? और उसका सारा जीवन दुुख में बीत जाता है कि खजाना कहाँ है ?
इसलिए उडनतश्तरी धरती पर कभी कभी आती हैं पर कोई नहीं देख पाता इन्हें। इसलिए उडनतश्तरी धरती पर कभी कभी आती हैं पर कोई नहीं देख पाता इन्हें।
फिर से आवाज़ सुनाई दी और, ये आवाज़ मेरे दिल के कोने से आ रही थी। फिर से आवाज़ सुनाई दी और, ये आवाज़ मेरे दिल के कोने से आ रही थी।
कविता राष्ट्र का सम्मान है, कविता एक कवि की छोटी सी परिकल्पना है। कविता राष्ट्र का सम्मान है, कविता एक कवि की छोटी सी परिकल्पना है।
सदा गमन करें अष्टांग मार्ग पर, दिखाई जो प्रभु गौतम बुद्ध ने राह। सदा गमन करें अष्टांग मार्ग पर, दिखाई जो प्रभु गौतम बुद्ध ने राह।
रूक थोड़ा विश्राम कर, तू ! सब्र तो कर पायेगी। रूक थोड़ा विश्राम कर, तू ! सब्र तो कर पायेगी।
जो सौगात के रुप में, वीरगति प्राप्त होते। जो सौगात के रुप में, वीरगति प्राप्त होते।
हमारे देशको जो भी डॉक्टर एवम स्वास्थ्य कर्मी, सुरक्षित बना रहे हैं उनका। हमारे देशको जो भी डॉक्टर एवम स्वास्थ्य कर्मी, सुरक्षित बना रहे हैं उनका।
निस्वार्थ कर्म सबसे बड़ा है कर्म सुपथ गामी बने रहो जीवन सार्थक। निस्वार्थ कर्म सबसे बड़ा है कर्म सुपथ गामी बने रहो जीवन सार्थक।
निज संतति के सुख हित सहते अगणित दुख, मात-पिता के संग ही पूरा होता एक परिवार। निज संतति के सुख हित सहते अगणित दुख, मात-पिता के संग ही पूरा होता एक परिवार।
बात अब उस शैतान की न कर तु ए "शाद" नही है इंसां को इसां पे एतबार के हाये हाये। बात अब उस शैतान की न कर तु ए "शाद" नही है इंसां को इसां पे एतबार के हाये हाय...