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monika kakodia

Inspirational

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monika kakodia

Inspirational

हौसला

हौसला

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मेरी गरीबी, मेरी भूख

तोड़ नहीं सकती हौसला मेरा

रोज़ लड़ता हूँ इनसे क्योंकि 

अभी तक ज़िंदा हूँ मैं


फटे हुए कपड़े मेरे, 

जूतों से झाँकते पैर मेरे

फिर भी अपने इन हालातों पर 

जरा भी ना शर्मिंदा हूँ मैं


आँतो से चिपका उरद भले, 

बाजुओं में मेहनत बाकी है

हालातों से लड़ने वाला 

हौसलों उम्मीदों का पुलिंदा हूँ


टपकती छत, कच्ची दीवारें

झाँकता चाँद, बरसती धूप

टूटता बदन, महर गहरी नींद मिले

ऐसी गलियों का बाशिन्दा हूँ मैं


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