STORYMIRROR

SIDHARTHA MISHRA

Inspirational

3  

SIDHARTHA MISHRA

Inspirational

हौसला

हौसला

1 min
174

है हौसला तो कोई दीवार रोक नहीं सकता,

कितनी भी कठिनायी आये झुका नहीं सकता।

जो मन मैं है ठान ली, तो कर के दिखलाऊंगा,

कोई मुसीबत आये, चाहे आंधी या तूफ़ान,

मेरे हिम्मत और हौसले को कम कर नहीं सकता।


बुलंद हौसलों से चट्टाने भी हिल जाती है,

है हिम्मत तो कुछ भी मुमकिन है।

आज कोरोना काल में हिम्मत की है जरुरत,

खुद भी हिम्मत रखिये और दूसरों का भी हौसला बधाइए।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational