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Sandeep Kumar

Abstract

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Sandeep Kumar

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हालात हुई कुछ ऐसी की दूर हुए पर मिल ना सका

हालात हुई कुछ ऐसी की दूर हुए पर मिल ना सका

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कुछ सवाल थी ऐसी

जिसे हल न कर सका

मन ही मन दबाए रखा

उनसे छल न कर सका।।


आगोश की तृप्ति में जलता रहा

पर खलल न कर सका

हालात हुई कुछ ऐसी की

दूर हुए पर मिल ना सका।।


आज भी वह यादें मारे जा रहा 

पर सबब न कर सका

उन्हें निर्दोष पाते हैं पर

खुद को दोष ना दे सका।।


बहुत दूर हो गए उनसे

फिर मिल ना सका

रोक लिया रास्ता पुरानी यादों का

आगे कदम बढ़ाएं पर बढ़ा ना सका।।


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