STORYMIRROR

सागर प्रवीण

Romance

3  

सागर प्रवीण

Romance

हादसा इश्क़ में अजब होता

हादसा इश्क़ में अजब होता

1 min
255

हादसा इश्क़ में अजब होता

तू मेरा होता तो ग़ज़ब होता


रूठ जाना तेरा अखरता न यूँ

रूठ जाने का गर सबब होता


बेवफा उसको तो होना ही था

अब न होता अगर तो कब होता


तू नहीं है तो फिर नहीं है कुछ

तू जो होता अगर तो सब होता


चीखें ख़ामोशी में बदल जाती

गर लबों पर तुम्हारा लब होता



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance