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Phool Singh

Inspirational

4  

Phool Singh

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गुरू

गुरू

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गुरु ही ईश्वर, गुरु ही स्वामी, गुरु ही सबका पालनहार

गुरु चरण को आज ही पकड़ो, गुरु ही सबका तारणहार||


सत मार्ग जो हमें दिखाता, करता सबका वो उद्धार

सुगमता से गुरु मिले न, कोशिश करता जग संसार||


काम, क्रोध संग इच्छा त्यागो, सेवा, समर्पण ले लो हाथ

गुरु की कृपा बड़ी कठिन है, सारे कर्मों का वो ही सार||


ढोंगियों की मैं बात न करता, ईश्वर का है गुरु अवतार

राग, द्वेष से योजन दूर जो, कांपता उससे नर्क का द्वार||


उगते सूरज सी उसकी छवि है, ज्ञान से देता सबको निखार

ज्ञान के चक्षु खोल हमारे, पाप कर्म से देता उभार||


शीश झुका कर नमन जो कर लो, पल में करता भवसागर पार

मान का उसके हनन न करना, गुरु की महिमा अपरंपार||


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