गुरु
गुरु
धन्यवाद आपका मेरे जीवन के गुरु
आपके आशीष से हुआ बौद्धिक जीवन शुरू।
कोरे पन्ने की तरह आपके पास आई थी,
अपनी विद्वत्ता पूर्ण व्यवहार से मैं गुनगुनाई थी।
जब तक नश्वर शरीर में प्राण का संचार रहेगा,
जब तक मेरा जीवन आपके कृत्य से ऋणी रहेगा।
