गुमनाम कहानी
गुमनाम कहानी
बादल की यह कैसी गरज है,
क्या पाने की उसको अरज है
आंखें उसकी क्यों यह नम है,
बूंदो में छुपा कैसा यह गम है
सबको देता है खुशियां रो रो कर,
पर कोई ना जाने उसकी रवानी
बादल और उसकी यह बूंदें,
और उसकी गुमनाम कहानी।
