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Sakshi Singh

Inspirational


4.5  

Sakshi Singh

Inspirational


ग़रीबी

ग़रीबी

1 min 375 1 min 375

गरीबों का अगर जीवन नहीं देखा तो क्या देखा, 

कोई उजड़ा हुआ गुलशन नहीं देखा तो क्या देखा, 

हक़ीक़त रूबरू होकर तुम्हें अनुभव दिलाएगी, 

बिना घर का कोई आँगन नहीं देखा तो क्या देखा।

आओ आज उनकी जिंदगी के बारे में बताती हूं,

ग़रीबी की दासता सुनाती हूं।


गरीबी इंसान को लाचार बना देती है….

जो दिन ना देखे वह सब दिखाती है

हालात के हालात बदल देती है

उसको मजबूर बना देती है

आओ आंखों देखा हाल बताती हूं,

ग़रीबी की दासता सुनाती हूं।


लोग देख कर भी कर देते हैं अनदेखा

ऐ इंसान! तूने नहीं देखा तो भगवान ने नहीं देखा

करते चलो भला जिसको ज़रूरत है

साहब! भगवान अंधा नहीं उसने सब देखा

अजीब सी कहानी बताती हूं,

गरीबी की दास्ता सुनाती हूं।


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