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Ragini Uplopwar

Classics


3.8  

Ragini Uplopwar

Classics


गर हो जाऐ बारिश

गर हो जाऐ बारिश

1 min 148 1 min 148

आओ !

देखे कहा होती है बारिश

रईसों के घर धन की होती है बारिश

दुख में आँखों से आंसुओं की

होती है बारिश।


मन चाहा मिले तो होती है,

खुशियों की बारिश।

आओ देखे

मन के भावों का

आलिंगन है बारिश


तपती काया को

ठंडक देती है बारिश

पेड़ पौधो की हरियाली

होती है बारिश।


आओ देखे

पहाड़ों का पहला चुंबन है बारिश

नदियों की किलकारी है बारिश,

हवाओं को ताजगी देती है बारिश।


आओ देखे

जीवन है रूखा, गर न हो बारिश,

प्रेम है प्यासा गर न हो बारिश,

गर्मी से मिल जाऐ राहत,

गर हो जाऐ बारिश।


आओ देखे

बूंद बूंद को इतना ना तरसाओ

कुछ तो सब पर रहम खाओ।

कांपा है आस्मां, धरती है आहत

तन मन को भीगो जाओ

बारिश अब तो आ जाओ।


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