anuradha nazeer
Classics
तैयार होने तक प्रतीक्षा न करें,
क्योंकि वक्त किसी का इंतजार नहीं करता,
अवसर को खींचो, समय अच्छा हो या बुरा,
अपने एआईएम के अनुसार काम शुरू करें,
चाहे आप सफल हों या नहीं,
अपना कर्तव्य करो, सफलता आपके गोद में गिरेगी।
कोई
इन चीजों को र...
ज़िन्दगी का क...
प्यार दो
मूल्यवान
जीत
अपने काम से प...
सफलता
प्यार प्यार प...
प्यार की प्या...
मगर मन में हैं कुछ सवाल जो तुमसे पूछ नही पाता हूँ मगर मन में हैं कुछ सवाल जो तुमसे पूछ नही पाता हूँ
नारद जी के बतलाये मार्ग का फिर से अनुसरण करने लगे वो। नारद जी के बतलाये मार्ग का फिर से अनुसरण करने लगे वो।
ठहर पाई नहीं कश्ती उस कयामत के सैलाब में थी दोनों की साँसे उफान पर और आँखें बंद हो गई नाग और चन्... ठहर पाई नहीं कश्ती उस कयामत के सैलाब में थी दोनों की साँसे उफान पर और आँखें बं...
श्री शुकदेव जी कहते हैं, परीक्षित अतिथि कुश का पुत्र हुआ। श्री शुकदेव जी कहते हैं, परीक्षित अतिथि कुश का पुत्र हुआ।
नंदबाबा ने कहा, वासुदेव जी तुम्हारे कई पुत्रों को मारा कंस ने। नंदबाबा ने कहा, वासुदेव जी तुम्हारे कई पुत्रों को मारा कंस ने।
भक्ति और प्रेम ब्रजवासियों का वहाँ देखा जो सुनाया उनको भक्ति और प्रेम ब्रजवासियों का वहाँ देखा जो सुनाया उनको
उसके दु:साहस के समक्ष गन्धर्व यक्ष भी मांगे पानी। उसके दु:साहस के समक्ष गन्धर्व यक्ष भी मांगे पानी।
शिखंडिनी का था वह नव शिखंडी पुरुष रूप। किंतु यक्ष ने लिंग विनिमय से धरा स्त्री स्वरूप शिखंडिनी का था वह नव शिखंडी पुरुष रूप। किंतु यक्ष ने लिंग विनिमय से धरा स्त्...
किस साधन से प्राप्त कर सकता बिना विशेष परिश्रम के, इस पद को। किस साधन से प्राप्त कर सकता बिना विशेष परिश्रम के, इस पद को।
विभूतिओं का संक्षिप्त वर्णन है विस्तार करो इसका जन जन में। विभूतिओं का संक्षिप्त वर्णन है विस्तार करो इसका जन जन में।
छल प्रपंच का अर्जन करके कपटी दुर्योधन फलता। छल प्रपंच का अर्जन करके कपटी दुर्योधन फलता।
राजा परीक्षित ने पूछा, भगवन किसके द्वारा नियुक्त हैं होते! राजा परीक्षित ने पूछा, भगवन किसके द्वारा नियुक्त हैं होते!
चलो आज आपको एक पौराणिक कथा सुनाते हैं, विष्णु और लक्ष्मी जी के विवाह पर लेकर जाते हैं। चलो आज आपको एक पौराणिक कथा सुनाते हैं, विष्णु और लक्ष्मी जी के विवाह पर लेकर...
मंद बुद्धि मैं एक पशु हूँ फंसा हुआ विषयभोगों में । मंद बुद्धि मैं एक पशु हूँ फंसा हुआ विषयभोगों में ।
युद्ध भयंकर हो रहा देखो,चल रहे तीरन पर खूब तीर। युद्ध भयंकर हो रहा देखो,चल रहे तीरन पर खूब तीर।
भगवान् के इस कर्म की प्रशंसा की फूलों की वर्षा की ऊपर उनके। भगवान् के इस कर्म की प्रशंसा की फूलों की वर्षा की ऊपर उनके।
ये कथा है, बहुत पुरानी दशरथ जी की तीन थी रानी! ये कथा है, बहुत पुरानी दशरथ जी की तीन थी रानी!
ऊँचे ऊँचे लोगो में मैं ठहरा छोटी जात का खुद से ही अंजान मैं ना घर का ना घाट का! ऊँचे ऊँचे लोगो में मैं ठहरा छोटी जात का खुद से ही अंजान मैं ना घर का ना घाट...
वासुदेव की प्रेरणा से एक दिन नन्द के गोकुल में आये। वासुदेव की प्रेरणा से एक दिन नन्द के गोकुल में आये।
हे उद्धव ! बृज गोकुल जाओ , ज्ञान योग उनको समझाओ। हे उद्धव ! बृज गोकुल जाओ , ज्ञान योग उनको समझाओ।