anuradha nazeer
Classics
तैयार होने तक प्रतीक्षा न करें,
क्योंकि वक्त किसी का इंतजार नहीं करता,
अवसर को खींचो, समय अच्छा हो या बुरा,
अपने एआईएम के अनुसार काम शुरू करें,
चाहे आप सफल हों या नहीं,
अपना कर्तव्य करो, सफलता आपके गोद में गिरेगी।
कोई
इन चीजों को र...
ज़िन्दगी का क...
प्यार दो
मूल्यवान
जीत
अपने काम से प...
सफलता
प्यार प्यार प...
प्यार की प्या...
जन्मना बेटी को कहीं उसे भी न सहनी पड़े ऐसी प्रताड़ना। जन्मना बेटी को कहीं उसे भी न सहनी पड़े ऐसी प्रताड़ना।
माँ घट घट वासी माँ घट घट वासी
तुम मिटा सकते हो मुझे संवार नहीं सकते, तुम नज़र लगा सकते हो नज़र उतार नहीं सकते। तुम मिटा सकते हो मुझे संवार नहीं सकते, तुम नज़र लगा सकते हो नज़र उतार नहीं सकते...
जब आकाश में श्री हरि को देखा गरुड़ पर आरूढ़, हाथ में चक्र लिए। जब आकाश में श्री हरि को देखा गरुड़ पर आरूढ़, हाथ में चक्र लिए।
भारत ही महाभारत होगा भारत ही महाभारत होगा
वह रईसी जी थी मैंने वह रईसी जी थी मैंने
क्योंकि इंसान का वज़ूद सिर्फ़ इंसान समझते हैं। क्योंकि इंसान का वज़ूद सिर्फ़ इंसान समझते हैं।
स्थान तुम्हारी अभिमन्यु कोई महारथी लड़ सकता है। स्थान तुम्हारी अभिमन्यु कोई महारथी लड़ सकता है।
माँग-पूर्ति की खाई पाटे, मिल जुल करते कारोबार। जो भी इनके द्वारे आता, पाता यथा योग्य स माँग-पूर्ति की खाई पाटे, मिल जुल करते कारोबार। जो भी इनके द्वारे आता, पाता यथा ...
सब सुफल मनोरथ काम वहाँ, शिव ब्रह्मा,विष्णु धाम वहाँ, मैं शिव के शरण में रहती थी! सब सुफल मनोरथ काम वहाँ, शिव ब्रह्मा,विष्णु धाम वहाँ, मैं शिव के शरण में रह...
शायद कलयुग का हो उद्धार डूबते युग समाज मे मानवता का हो कुछ कल्याण। शायद कलयुग का हो उद्धार डूबते युग समाज मे मानवता का हो कुछ कल्याण।
हे वाकपटु! हे मौनव्रती, ! हे प्रखर राष्ट्रवादी नायक! युग युग तक होगा ऋणी राष्ट्र , हे वाकपटु! हे मौनव्रती, ! हे प्रखर राष्ट्रवादी नायक! युग युग तक होगा ऋणी राष...
अच्छी लगी मुझे आपकी, लुकाछिपी आंख- मिचौली, खेल लो आप खुशी से। अच्छी लगी मुझे आपकी, लुकाछिपी आंख- मिचौली, खेल लो आप खुशी से।
ख्वाबों की दुनिया से एक ख्वाब मैं ले आई अपनी जिंदगी के लिए एक मकसद मैं ले आई। ख्वाबों की दुनिया से एक ख्वाब मैं ले आई अपनी जिंदगी के लिए एक मकसद मैं...
आपके चरणों की रज माँगूँ नहीं चाहता कि मोक्ष पाऊं। आपके चरणों की रज माँगूँ नहीं चाहता कि मोक्ष पाऊं।
परीक्षित से शुकदेव जी कहें राम विराजें किम्पुरुष वर्ष में ! परीक्षित से शुकदेव जी कहें राम विराजें किम्पुरुष वर्ष में !
धर्मपुत्र भद्रश्रवा, भद्रशवा वर्ष में स्तुति करें भगवान वासुदेव की! धर्मपुत्र भद्रश्रवा, भद्रशवा वर्ष में स्तुति करें भगवान वासुदेव की!
शांति की अनुभूति का खुशियों से भरा स्थान जहाँ आँखें मूँदने से मिले सुकून सुख। शांति की अनुभूति का खुशियों से भरा स्थान जहाँ आँखें मूँदने से मिले सुकून सुख।
करके तांडव नृत्य, प्रलय जग की शिव करते। विपदाएँ भव-ताप, भक्त जन का भी हरते। करके तांडव नृत्य, प्रलय जग की शिव करते। विपदाएँ भव-ताप, भक्त जन का भी हरते।
जय का कृत, कृत का हर्यवन और सहदेव हुआ हर्यवन का। जय का कृत, कृत का हर्यवन और सहदेव हुआ हर्यवन का।