Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer
Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer

Akhtar Ali Shah

Abstract

4.8  

Akhtar Ali Shah

Abstract

गीत....हम क्रिकेट की

गीत....हम क्रिकेट की

1 min
230


यही दिली ख्वाहिश है भारत,

हो जन जन की जान सुनो ।

विश्वपटल पर हम क्रिकेट की,

बनें अलग पहिचान सुनो।।


हमें गर्व है के गावस्कर ,

अजहर ,सचिन हमारे हैं ।

हमें एक गर्व है अनिल कुंबले ,

सौरभ, कपिल हमारे हैं ।।

इफ्तिकार ,राहुल भी अपने ,

अपने अमरनाथ ,मंसूर ।

हमें गर्व है के विराट और ,

धोनी ,बिशन हमारे हैं ।।

रविशंकर अपने हैं अपनी,

है सहवागी शान सुनो ।

विश्वपटल पर हम क्रिकेट की ,

बनें अलग पहचान सुनो ।।


प्रशंसकों की कमी नहीं है ,

साहस जो दिलवाते हैं ।

पहन तिरंगी टोपी पगडी ,

जाकिट वो इठलाते हैं ।।

इसको आज हराया है तो,

बारी और किसी की कल ।

भले विश्वकप या हो कोई ,

प्रेरित करने आते हैं ।।

रहता है बस भारत जीते,

एक यही अरमान सुनो । 

विश्वपटल पर हम क्रिकेट की,

बनें अलग पहचान सुनो ।।


कप्तानी देखो विराट की ,

पाक टीम को रौंद दिया ।

शतक बनाया रोहित ने तब,

जाकर के आराम किया ।।

रवि शास्त्री के निर्देशन को,

कौन भुलाने पायेगा ।

स्वीकारी हर एक चुनौती ,

लोहा सबसे खूब लिया ।।

हकदारों ने हक पाया है ,

मिला तभी सम्मान सुनो।

विश्वपटल पर हम क्रिकेट की,

बनें अलग पहचान सुनो।। 


बटी देश की सीमाओं में ,

खेल भावना आहत है । 

अच्छे को अच्छा कहने की ,

नहीं किसी में ताकत है।। 

खेल भावना कहती हैं ये,

जो अच्छा ,तारीफ करो ।

अंधभक्ति लेकिन"अनन्त" ये,

देती नही इजाजत है ।।

खेल बांटते नहीं मनुज को,

बांट रहा अज्ञान सुनो ।

विश्वपटल पर हम क्रिकेट की,

बनें अलग पहचान सुनो।।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract