गहरा रहस्य
गहरा रहस्य
हालांकि जब तुम समझ सकते हो
दूसरों की आंतरिक पीड़ा और
दुःख उनके तुम महसूस कर सकते हो
उस समय की तुम्हारी वो स्थितियां, गहरे रहस्यों में बदल जाती हैं
समझ में नहीं हैं ये बातें, गहन सोच का होना आवश्यक है
पढ़ो इसे ऐसे या समझ के पढ़ सको
वो तुम पर निर्भर है, और वैसे भी रहस्यों को
समझने का प्रयत्न ही उनके भेद खोल पाता है ।
एक व्यक्ति जो काम पर जाता है, कुछ दिन सबकुछ ठीक होने के बाद
परिस्थियों में बदलाव हो जाता है ।
वो माहौल जो उसने पहले देखा था, पहले जीया था
वो अचानक से धुंधला होते होते गायब होने की कगार पर है।
उसके मन के विचार क्या होंगे?
वो व्याख्या कुछ ऐसी है कि
"अंग अंग उसका तरसा, अधिक पीड़ा उसको होय।
उसपे बीती वो जाने भला समझ कैसे सके कोय।।
