गाय पालें
गाय पालें
गाय हमारी माता है,
मानव पंचगव्य इससे पाता है।
गाय धन है सबसे पवित्र,
गाय में सारे देव सचित्र।
करोड़ों देवी देवता का गाय में वास है,
खुशी उसकी सेवा भक्ति की चाह में है।
गाय बछड़े देती बैल बन जाते हैं,
बछड़ी बड़ी हो फिर गाय बन जाती है।
गाई पशु नहीं गाई माई है,
उस में तो गंगा समाई है।
गाय दान का पुण्य महान है,
गाय हिन्दू धर्म की परम पहचान है।
गाय से धर्म पवित्र समान,
गाय माता करती मुक्ति प्रदान ।
गाय हमें दूध देकर पालती है,
मारने के बाद बैतरणी पार कराती है।
कृष्ण की प्रिय है गाय माता,
गाय में सारे देव समाते है।
जो पाले उनके सारे कष्ट मिटाते,
सदा सु:ख _समृद्धि बनाए रखती।
