एकता की दीप
एकता की दीप
आओ मिलकर हम,
एक एक दीप जलाए।
अनेकताओं के देश में,
एकता की दीप जलाए।।
हमारी दीप ऐसी हो,
घर में हो दीपाली जैसी हो।
करके घर की लाईटें बंद,
एकता की दीप जलाए।।
हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई,
जैन बौद्ध और पारसी भाई।
रात 9 बजे 9 मिनट 5 अप्रेल,
एकता का दीप जलाए।।
घर के दरवाज़े दालान,
छत या बालकनी में जलाए।
मोमबत्ती दीप दीया टार्च या मोबाइल,
एकता की दीप जलाए।।
उम्मीद का दीप ऐसा जलाए,
विश्व को अपनी पहचान बताए।
बारिश आंधी और तूफान,
एकता की दीप बुझा न पाए।।
दृढ़ शक्ति का दीप जलाना,
देश को कोरोना से बचाना।
अदृश्य कोरोना जीवाणु बीमार से,
लड़ लेंगे हम दृढ़ शक्ति के हथियार से।।
नफ़रत क्रोध ईर्ष्या,
अपशब्द न बोलना।
एक दीप जलाकर,
सारे द्वेष जलाना।।
एकता की दीप जलाना,
ऐसा की हम उदाहरण बन जाए।
उदाहरण बनो तो ऐसा बनो,
समस्त विश्व हमारा दीवाना बना जाए।।
एकता की दीप जलाना,
ऐसा की जगत उजियारा हो जाए।
जलाना तो ऐसे जलाना
समस्त विश्व को नयी राह दिखाए।।
तुम से ही है हमारा,
वसुधैव कुटुंबकम् की रीत।
तुम से ही है हमारा,
एकता की दीप जलाए की जीत।।
