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Mahendra kumar Behera

Romance

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Mahendra kumar Behera

Romance

एक तरफा मोहब्बत

एक तरफा मोहब्बत

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अपनी एक तरफा मोहब्बत के

चलो कुछ किस्से सुनाया जाए,


भरे हुए उन जख्मों को

फिर से ताजा किया जाए,


वो कौन थी, कैसे थी, छोड़ो

ये सब अब जाने ही देते हैं,


मेरे दिल मैं उनकी क्या हैसियत थी

चलो आज ये सबसे साझा किया जाए,


उनकी नशीली आंखें, लहराती जुल्फें

उनकी हुस्न और जल सा साफ मन,


मुझे भी कज़ा मिल जाए उनके प्यार की

चलो आज उनसे ये इल्तिज़ा किया जाए,


उनकी मोहब्बत तो तेरे

रूह में उतर गया है "माही",


उनके मन के तसव्वुर का भी

चलो थोड़ा जायज़ा लिया जाए ।।


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