तुम्हारी याद
तुम्हारी याद
जब भी बैठ जाता हूं अकेले में,
बस खोया रहता हूं तुम्हारी खयालों में,
वो मीठी मीठी बातें, वो मंद मंद मुस्कान
आज भी वे छाई रहती है मेरे ख्वाबों में ,
आज तुम तो साथ नहीं हो लेकिन,
तुम से जुड़ी बात मेरे साथ है,
आज भी तुम्हारी याद मेरे साथ है ।।
जब तुमने पहली बार मेरे हाथ थामा था,
मुझे साथी का अर्थ समझाया था,
उस अंधेरी रात से निकल कर,
मुझे सबेरे का रोशनी दिखाया था,
आज तुम तो साथ नहीं हो लेकिन,
तुम से जुड़ी बात मेरे साथ है,
आज भी तुम्हारी याद मेरे साथ है ।।
अब न इस दिल को चैन आता है,
न ये पतझड़ का मौसम जाता है,
अब तुम्हारी यादों की नमी के सहारे,
मेरा हर दिन यूं ही गुजर जाता है,
आज तुम मेरे पास नहीं हो लेकिन,
तुम से जुड़ी हर बात मेरे साथ है,
आज भी तुम्हारी याद मेरे साथ है ।।

