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Neha Sharma

Romance

5.0  

Neha Sharma

Romance

एक मुलाकात

एक मुलाकात

1 min
156


आज फिर उससे एक मुलाकात हुई 

हवाओं का रुख आज भी उसकी ओर था 

मौसम भी कुछ बेरंग सा था

पर फिर भी मुकद्दर में मिलना तय था 


नज़रें मिलीं 

जैसे कुछ कहना हो उसे भी 

जिसका मुझे इंतज़ार था।


काले रंग का शर्ट काफ़ी

जंच रहा था उस पर 

सोचा जाकर कह दूँ

फिर से निःशब्द रह गयी मैं


कुछ हफ्ते पहले वही चाय की

टपरी पर मिला था वो 

सोचा कहीं यही वो आखिरी दिन न हो 

मिलने की कोई उम्मीद न रही


पर फिर से हम राहों में टकरा गये 

नज़रे मिलीं

बातें फिर भी अनकही रह गयीं

न मैने कुछ कहा 

न उसने


हम दोनों फिर से एक अनकही

कहानी का हिस्सा बन गये

और जाते-जाते फिर से नज़रों के

इशारों से मिलने का वादा कर गये 

बिन कुछ कहे 

बिन कुछ सुने।



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