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Ritika Bawa Chopra

Abstract

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Ritika Bawa Chopra

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एक कश्ती

एक कश्ती

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एक कश्ती, जो वक़्त के पार ले जाती,

एक कश्ती, जो मन की गति से चल पाती,


एक कश्ती, जो हमें जिस पल में जीना हो वहाँ ले जाती,

एक कश्ती, जो गम की दुनिया छोड़ खुशियों की और ले जाती,


एक कश्ती, जो दिलों का दर्द कम कर पाती,

एक कश्ती, जो आज को छोड़ ज़िन्दगी के कुछ बीते पलों में ले जाती,


एक कश्ती, जो तस्वीरों में कैद लम्हों तक पहुँचा पाती,

एक कश्ती, जो बिछड़ों को मिलवा पाती,


एक कश्ती, जो मुझे मेरे बचपन से मिलवा पाती,

काश होती एक कश्ती, जो वक़्त के पार ले जाती !


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