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Ritika Bawa Chopra

Abstract


3.8  

Ritika Bawa Chopra

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होली

होली

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होली के ये अनगिनत रंग,

लाते हैं कितना प्रेम अपने संग,

वो रंग देना चेहरों को गुलाल से,

और भिगो देना सबको पिचकारी की धार से,

दोस्तों और परिवार के साथ मस्ती का आलम,

गुजिया, समोसे, पकौड़े और चाय गरम,

जैसे बसंत अपने साथ लाती है बहार,

और फूलों की खुशबु महकाती है सारा संसार,

होली भी संग लाती है खुशियाँ बेशुमार,

दिलों में बस भर देती है असीम प्यार,

जैसे हर रंग एक दूसरे से घुल मिल जाता है,

होली का ये पावन त्यौहार,

सबको मिलजुलकर साथ रहने का सबक सिखलाता है!


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