एक बार मेरा कहां मान जाइए
एक बार मेरा कहां मान जाइए
कभी रूबरू खुद को जान लीजिए,
सबके लिए हो आप ,
कभी खुद के लिए भी जान लीजिए,
दिल भी चीज है क्या जान लीजिए,
तसव्वुर में दिल क्या चाहता जान लीजिए
इस भीड़ भरी दुनिया में क्या, आना है बार-बार,
एक बार खुद को एक मर्तबा जान लीजिए,
दिल की जरूरतों से समझौता करने की अपेक्षा,
जिंदगी की चाहतों की परिभाषा जान लीजिए,
दूसरों के लिए खुद को मार ना दीजिए,
दिल क्या चीज है जान लीजिए,
मन कहे तो इस बार इक फिर मर्तबा बच्चे बन जाइए,
लोगो की फिक्र से अच्छा कुछ कर जाइए,
दिल भी चीज है क्या खुद को जान लीजिए,
वो बारिश की फुहार के बीच एक बार घुम आइए,
इस बार गहन शर्द के बीच आइसक्रीम खा आइए,
इन बंद कमरों के बीच ,
तेज स्पीकर के बीच डांस कर आइए ,
दिल भी चीज है क्या खुद को जान लीजिए,
इस भीड़ भरी महफिल से निकलकर,
प्रकृति की गोद में संवर आइए,
इस बार अपनी खुशी से हटकर,
दूसरों की खुशी में शामिल हो जाइए,
एक बार मेरा भी कहां मान जाइए,
लोगों की शर्म हवा को ताख पे रख कर,
फिर से बचपन में शामिल हो जाइए,
इस बार फिर वह बदमाशों की गैंग के साथ,
लॉन्ग ड्राइव पर निकल जाइए, बहुत हुआ हाय तौबा,
गर्मी की छुट्टी में इस बार दूर बैठे मां बाप के साथ बीता आइए,
बस एक बार मेरा कहां मान लीजिए,
इस बार उनकी पसंद के परिधान नहीं ,
खुद की पसंद पहन आइए,
इस बार मेरा कहा मान जाइए।
