STORYMIRROR

DR. RICHA SHARMA

Abstract

4  

DR. RICHA SHARMA

Abstract

एक और एक ग्यारह

एक और एक ग्यारह

1 min
889

एक और एक ग्यारह का मतलब होता है संगठन में शक्ति।

इकदूजे के मददगार बन कर ही हम कर सकते हैं भक्ति।।


एकाकी बन कर संसार में नहीं कोई जी सकता।

अनेकता में एकता से ही सच्चा-पावन देश बनता।

स्वार्थी तो प्रत्येक की आँखों में खूब खटकता।

निस्वार्थ भाव से जीने वाला ही हर एक को जचता।


आपसी भाईचारे से ही संभव हर काम हो पाए हैं।

संगठन से ही रामायण में श्री राम विजयी हो पाए हैं।

हाल ही में अयोध्या के मुद्दे को भी हम जीत पाए हैं।

एक और एक ग्यारह मुहावरा जीना हमें खूब सिखाए है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract