STORYMIRROR

Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

2  

Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

दुःख में अडिग रहो

दुःख में अडिग रहो

1 min
191

दुःख में अडिग रहो जीवन में निर्भीक रहो

आज हार रहे हो, कल तुम जीतोगे

जिंदगी का गीत रहो हार में तुम जीत रहो

वादे पे अडिग रहो पत्थरों पे दीप रहो

दुःख में अडिग रहो हंसी के मनमीत रहो

कर्म करते सदा, तुम नवनीत रहो

हारेगा अंधेरा, जीतेगा उजाला,

सूरज संग प्रीत रहो जुगनू का गीत रहो

दुःख में अडिग रहो सत्य के नज़दीक रहो

मंज़िल मिल जायेगी, बढ़ते पैरों की रीत रहो



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational