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Shubham Rawat

Abstract

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Shubham Rawat

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दुआ

दुआ

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बस पल दो पल की बात है 

जब तक सांसे है

हम जिंदगी के मेहमान हैं।


हो ना हो

कोई ऐसा हो

मोहबत जिंदगी में हो

तो जिंदगी हमारी गुलाम है ।


तुम उदास हो हताश हो

बैठो कभी गिनने तारे

देखो आसमान को

कोई तुम्हारे लिए दुआ पढ़ रहा है।


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