STORYMIRROR

Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

4  

Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

दृढ़ निश्चय

दृढ़ निश्चय

1 min
256

निश्चय अपना तू दृढ़ कर

हौसला तू हिमालय कर

उड़ चल नभ से भी ऊपर,

आसमाँ से ऊंचा कद कर।


हार का कोई भय न कर

कर्म में तू आग पैदा कर

निश्चय ही जीत तेरी होगी,

आंसुओ को तू शोला कर।


हंस रहा ज़माना तुझ पर

ताने दे रहा जिंदगी भर

तू मिटा मन का अंधेरा,

बन जा साखी दिनकर।


निश्चय अपना तू दृढ़ कर

मंजिल पे अविराम पग धर

मत रुक,मत विश्राम कर

लक्ष्य के लिये हरपल मर।


थकना नही,रोना नही,

अपनी सोच तू बदल

पैदल चल,जरूर चल

हिम्मत को कर अनल।


ख्वाबो में भी तू कभी

लक्ष्य मत कर ओझल

निश्चय अपना तू दृढ़ कर

इतिहास का हो सुदृढ नर।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational