STORYMIRROR

Dileep Agnihotri

Inspirational

4  

Dileep Agnihotri

Inspirational

दोस्त

दोस्त

1 min
372

साथी जीवन के घेरों में 

तुझको बिल्कुल नहीं रुकना है 

यह जीवन दुखों का साया है 

तुझको बिल्कुल नहीं झुकना है 


हां जीवन में परेशानी है 

इसमें कोई नहीं बात नयी 

चाहे हो राम या कृष्ण भले 

परेशानी सब ने यहां सही 

यह जीवन का कड़वा सच है

तुझको बिल्कुल नहीं डरना है 

साथी जीवन के घरों में 

तुझको बिल्कुल नहीं रुकना है 


क्यों परेशान तुम रहते हो 

गर गम दुख है तेरे जीवन में 

मेहनत कर सुख आमंत्रित कर 

कुछ बड़ा ठान ले तू मन में 

दुख का ऐसा है मेल बना 

ये ठीक समय पर आता है 

जानवर रूपी उस मानव को 

इंसान बनाकर जाता है 

यह सोच तेरे इस जीवन में 

अब सुखों को पीछे पड़ना है 

यह जीवन दुख का साया है

तुझको बिल्कुल नहीं झुकना है 

साथी जीवन के घेरो में 

तुझको बिल्कुल नहीं रुकना है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational