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Shrutika Sah

Inspirational

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Shrutika Sah

Inspirational

परचम बन जाता है!!

परचम बन जाता है!!

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तेरे बदन से कुछ विमुक्त हो

तो रुक मत

तेरी रूह से कुछ रिक्त हो 

तो झुक मत


चौकोर से चिथड़े से भी तो अलग होता है कपड़ा

रूप दिया जाता है तिकोना

और बन जाता है

परचम


अनादिकाल के लिए!!



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