STORYMIRROR

Shrutika Sah

Abstract Inspirational

3  

Shrutika Sah

Abstract Inspirational

पढ़ सकूँ कोई किताब!!

पढ़ सकूँ कोई किताब!!

1 min
228

कोई भाषा

नहीं सीखनी इस सीमा तक

कि दे सकूँ अपनी दक्षता का प्रमाण


या मंच से सही उच्चारण के साथ 

कर सकूँ दर्शकों को सम्मोहित


सीखनी है बस इतनी 

कि पढ़ सकूँ 

उस भाषा में लिखी 

कोई किताब !


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract