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Dileep Agnihotri

Others

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Dileep Agnihotri

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फेंटेसी

फेंटेसी

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अभी इग्नोर करते हो किसी दिन पास आओगे

अभी मैं चाहता तुमको किसी दिन तुम भी चाहोगे

सोचता तुझको रातो दिन देख नजरें फिरोते हो

अभी मैं सामने तेरे कभी मिलने को तरसोगे

अभी इग्नोर करते हो किसी दिन पास आओगे

है आया खास दिन तेरा सोचा तोहफा मैं कुछ दे दूँ

न सोच देखकर तोहफा मेरा तुम मुझपे बरसो गे

अभी इग्नोर करते हो किसी दिन पास आओगे

रास्ते एक पर चलने को मैं तैयार हूँ सुनले

नज़र अंदाज करके तुम अभी कहीं और जाओगे

अभी मैं चाहता तुमको किसी दिन तुमभी चाहोगे

अकड़ है बहुत सी तुझमें अभी कुछ ना समझते हो

कहीं कुछ हो गया मुझको तो सबके साथ रोओ गे

अभी इग्नोर करते हो किसी दिन पास आओगे

मैं खोकर समय को अपने दूर से देखता तुझको

अभी चक्कर लगाता मैं कभी तुम भी लगाओगे

अभी मैं चाहता तुमको किसी दिन तुमभी चाहोगे

आखरी बात कहता हूँ अभी मजबूर हूँ थोड़ा

किसी दिन गजलों को मेरी सर्च गूगल पे मरोगे

अभी मैं चाहता तुमको किसी दिन तुम भी चाहोगे।

                     


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