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Sudhir Srivastava

Abstract

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Sudhir Srivastava

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दोहा मुक्तक -देश

दोहा मुक्तक -देश

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दोहा मुक्तक - देश ********** गर्व  सदा  हो  आपको, अपना  मानो  देश। जैसा  अपना  राष्ट्र  है, अब  वैसा  परिवेश। मनन  आप  भी  कीजिए, देवें  ये  सौगात- माथ राष्ट्र का उच्च हो, दूर रहे सब क्लेश।। लोकतांत्रिक  देश  है,   भारत  की  पहचान। हम  चुनते  सरकार  हैं, अपना  देश  महान। विश्व पटल के शिखर पर, चढ़ता जाता राष्ट्र- नित्य नई उपलब्धियाँ, करतीं इसका गान।।  देश भक्ति की भावना, करते सब गुणगान। पावन  मंगल  साधना,  बनी  हुई  पहचान। अर्थ  धर्म  के  संग  में,     संवेदना  सुचार- योग्य नेतृत्व हाथ में,   दुनिया करें बखान।। सुधीर श्रीवास्तव 


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