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Sudhir Srivastava

Abstract

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Sudhir Srivastava

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यमराज की गरिमा

यमराज की गरिमा

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यमराज की गरिमा  ************ अभी-अभी मित्र यमराज मेरे पास आकर कहने लगा- प्रभु अब आप ही कुछ कीजिए  मेरा न सही तो राम जी की ही गरिमा का ख्याल कीजिए  और पूरी गरिमा के साथ  राम मंदिर में चंदा गणना के काम का मुझे इंचार्ज बनवा दीजिए। मैं इन बेवकूफों की तरह चोरी नहीं करुँगा, राम जी की बात छोड़िए  अपनी गरिमा का पूरा ख्याल रखूँगा, एक पैसा भी चोरी नहीं होने दूँगा  और जो करना भी होगा, वो सिर्फ मैं ही करुँगा उसका सारा प्रबंध यमलोक में और आपका कमीशन  पूरी ईमानदारी से बैंक भिजवाता रहूँगा। भरोसा रखिए कभी पकड़ में नहीं आऊँगा। चाहे जितनी जाँच एजेंसियाँ लग जाएँ कभी कुछ नहीं कर पायेंगी, मेरा या मेरे परिवार के नाम का बैंक खाता,  चल अचल संपत्ति का कोई रिकार्ड भी नहीं पायेंगी। क्योंकि मैं तो यमलोक में आपके नाम से  एन जी ओ चलाकर आपको भी बचाऊँगा, दोनों जमकर मौज करेंगे,  समय - समय पर राम जी से मिलकर उनका भी हालचाल लेते रहेंगे, चोरी का पूरा हिसाब उनको भी देते रहेंगे  इस तरह उनके कोप से भी बचें रहेंगे। बस! अब आप कुछ जुगाड़ करो योगी -मोदी से काम न बने, तो सीधे राम जी से मिलो राज की बात प्यार से समझाओ  चंदा चोरी से बचाने के लिए मेरा नाम सुझाओ। निश्चित मानो अपना काम हो जाएगा  कल से चंदा गणना का काम  जब हमारी आपकी टीम के हाथ आ जायेगा, भविष्य के लिए चंदा चोरी का अस्तित्व ही मिट जायेगा, तब सनातनी आस्था पर कोई सवाल भी नहीं उठाएगा, राम जी का सारा तनाव भी दूर हो जाएगा  अब तक की चोरी का सारा धन, जेवर-गहना मेरी टीम द्वारा खोजकर वापस ले आया जाएगा, प्रभु राम और सनातन का नाम कैसे भी हो बदनाम तो नहीं होने दिया जाएगा, तब हमारे साथ आपकी भी गरिमा का स्तर  ऊँचा.... बहुत ऊँचा हो जायेगा। सुधीर श्रीवास्तव  


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