STORYMIRROR

J P Raghuwanshi

Inspirational

3  

J P Raghuwanshi

Inspirational

दिवारी गीत

दिवारी गीत

1 min
310

जा ग्यारस पैं लग हैं मढ़ई,

        पुतरिया लै दैइयो।


बड़ी-बड़ी दद्दा ढालें आहें,

सब भैया मिल, दिवारी गाहें।

हम तो रिंग लैहै खुदै।

पुतरिया लै दैइयो।


विही, सिंघाड़े, साटें लिआहें।

सीताफल को भोग लगा हैं।

खिचड़ी हम खेहे संगै मही।

पुतरिया लै दैइयों।


चकिया, गुल्लक हमें लै दैइयों।

चश्मा फिरकनी, हमें लुअइयों।

हम तो चला लैहै खुदै।

पुतरिया लै दैइयो।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational