देवी सिद्धिदात्री
देवी सिद्धिदात्री
देवी दुर्गा की नौवीं शक्ति हैं मॉं सिद्धिदात्री
सिंहवाहिनी हैं कमल पुष्प पर आसीन होती हैं,
चतुर्भुजा हैं, अलौकिक शक्ति प्रदान करती हैं
कमल गदा और शंख चक्र धारण करती हैं।
स्वर्णवर्णा त्रिनेत्रा नानालंकारभूषिता हैंडल
मोक्षदायिनी सिद्धिदायिनी विश्वेशवन्द्या हैं,
सर्वसिद्धिप्रदातृस्वरूपा पापविनाशिनी हैं
जगतवन्द्य पादारविन्दा बुद्धि रूप से हृदय में हैं।
अत्यन्त शक्तिशाली है मॉं का यह स्वरूप
सभी प्रकार की सिद्धि प्रदान करने वाला,
भगवान् शिव ने कठोर तपस्या की सिद्धिदात्री की,
और आठों सिद्धियॉं प्राप्त की इनकी कृपा से।
देवी की अनुकम्पा से शिव का आधा शरीर
नारी का हुआ और वे अर्द्धनारीश्वर कहलाये,
इनकी कृपा से सांसारिक असारता का बोध होता
अनन्त दुःखरूप संसार से निर्लिप्तता आ जाती।
सर्व सौभाग्यदायिनी अचिन्त्यरूपचरिता हैं
मॉं सिद्धिदात्री ने त्रिदेवों को उत्पन्न किया,
ब्रह्माण्ड पर पूर्ण विजय की शक्ति देती हैं
इनकी पूजा से नवरात्र व्रत का पारायण है।
