STORYMIRROR

Kavita Sharrma

Inspirational

4  

Kavita Sharrma

Inspirational

देशभक्ति

देशभक्ति

1 min
214

राष्ट्रीय त्योहारों पर चंद पंक्तियां बोलकर,

देशभक्ति के गाने से, देशप्रेम नहीं जाग सकता


ये कढ़ी का उबाल है देश के प्रति 

समर्पण जगा नहीं सकता


मन में जब तलक जज़्बा होगा नहीं

देश सेवा कर पाओगे नहीं।


सैनिक की तरह जान हथेली पर लेकर

हर मौसम की मार को सहकर


सरहदों पर बैखौफ डटे रहकर

देशभक्ति को जताना नहीं पड़ता

ये वो जज्बा है जो देश प्रेम की मिसाल बनता है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational