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Kavita Sharrma

Inspirational

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Kavita Sharrma

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देशभक्ति

देशभक्ति

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राष्ट्रीय त्योहारों पर चंद पंक्तियां बोलकर,

देशभक्ति के गाने से, देशप्रेम नहीं जाग सकता


ये कढ़ी का उबाल है देश के प्रति 

समर्पण जगा नहीं सकता


मन में जब तलक जज़्बा होगा नहीं

देश सेवा कर पाओगे नहीं।


सैनिक की तरह जान हथेली पर लेकर

हर मौसम की मार को सहकर


सरहदों पर बैखौफ डटे रहकर

देशभक्ति को जताना नहीं पड़ता

ये वो जज्बा है जो देश प्रेम की मिसाल बनता है।


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