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Shruti Singh

Abstract

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Shruti Singh

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देश के जवान

देश के जवान

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और आखे आज फिर नम है,

एक बेटी ने पिता खोया है,

एक पत्नी ने पति खोया है,

और उस बूढ़ी मां ने बेटा,


है बैठे हम अपने घरों मै महफूज़

तो चलो ना उन्हे शुक्रिया करे,

तो चलो ना उन्हे बताए की वो कितने अनमोल है,

वो अपने टुकड़े मै टाईगर के नाम से मशहूर था,


वो किसी भी परिस्थिति में देश के लिए

अपनी जान देने को तैयार था,

तो चलो न उसे बताए की हमे गर्व है उसपर,

तो चलो ना उसे बताए की चांद हमेशा रहता है,


है बिना डर के हम अपने घरों में महफूज़,

क्योंकि वो देश का जवान 

देश की सीमा पर खड़े लड़ रहा है।


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