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Shruti Singh

Abstract

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Shruti Singh

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भाई

भाई

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यूं तो हमेशा मुझसे लड़ता है,

पर कभी कभी मेरे लिए

पूरी दुनिया से लड़ जाता है,

मेरे भाई का प्यार मुझपे बहुत ज्यादा है

मै उसे पब्जी खेलते खेलते बुलाऊं

तो भी वो आ जाता है।


रिश्ता वो कभी जताता नहीं,

बिना बोले निभाता है

मेरे आंसुओं को देख उसके

अंदर का जुवाला मुखी फुट जाता है

मेरे बिना बोले वो हमेशा

खुद मेरा साथ दे जाता है।


मुझसे हमेशा मैगी बनवाके

कभी कभी चॉकलेट दिलाता है

अब तो वो मुझे मम्मी की

डॉट से भी बचाता है।


उसकी उन आंखो 

मै मुझे अपनापन नजर आता है,

मेरे भाई का प्यार मुझपे बहुत ज्यादा है

मै उसे पब्जी खेलते खेलते बुलाऊं

तो भी वो आ जाता है।


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