STORYMIRROR

J P Raghuwanshi

Inspirational

4  

J P Raghuwanshi

Inspirational

देश भलो रे

देश भलो रे

1 min
165


देश भलो रे,देश भलो रे।

भारत है अपनों भैया देश भलो रे।


याहिं भारत माहि बेला और गैंया।

गांव-गांव डगर-डगर ताल और तलैया।

दूध और दहियन से खूब भरो रे।

भारत हैं अपनों भैया देश भलो रे।


देश भलो रे ----------------


कृष्णा सुनावे यहां गीता का ज्ञान।

पार्थ कर्ण भीष्म जैसे योद्धा महान।

कर्मयोग-भक्तियोग खूब भरो रे।

भारत हैं अपनों भैया देश भलो रे।


गंगा जमुना नर्मदा की बहती है धार।

बेला गुलाब जूही की है बहार।

देश की माटी पर गर्व करो रे।

भारत है अपने भैया देश भलो रे।


देश भलो रे-------------


तुलसी की रामायण कबीर की वाणी।

कान्हा के रंग में रंगी मीरा रानी।

सूरसागर को खूब पढ़ो रे।

भारत हैं अपनों भैया देश भलो रे।


देश भलो रे-----------------


हमारे आदर्श रहे लाल-बाल-पाल।

चन्द्रशेखर, भगतसिंह दोनों बेमिसाल।

ऐसे रणबांकुरों पर गर्व करो रे।

भारत हैं अपनों भैया देश भलो रे।


देश भलो रे , देश भलो रे।

भारत हैं अपनों भैया देश भलो रे।।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational