अच्युतं केशवं
Abstract
डोरी थामे हाथ जो, उनके इंगित बाँच
जैसे भी इंगित मिले, कठपुतली तू नाच।
कठपुतली बस नाच, करे मत सोच-विचारी
दुःख को ही सुख मान, जिन्दगी कटती सारी।
किसे समय है सुने, तर्क की बातें तोरी
सच उसके ही तर्क, हाथ जो थामे डोरी।
मन आस तारा
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माँ ने अपने आंचल की छांव में सुलाया इसलिए अब रोज खुश हूं। माँ ने अपने आंचल की छांव में सुलाया इसलिए अब रोज खुश हूं।
दिल के एहसासों को तोलती है मन की मुरादें फूट पड़ती है, आँखें कहाँ चुप रहती है आईने सी इठला... दिल के एहसासों को तोलती है मन की मुरादें फूट पड़ती है, आँखें कहाँ चुप रहती...
आलसी कहते हैं हमें सभी भला ये भी कोई बात है क्या बताएं ये कैसा राज है। आलसी कहते हैं हमें सभी भला ये भी कोई बात है क्या बताएं ये कैसा राज है।
बस ऐब इस बात का है कि ना उन लब्जों में क़ैद वो लम्हा थमता है और न ही उन लम्हों में क... बस ऐब इस बात का है कि ना उन लब्जों में क़ैद वो लम्हा थमता है और न ही...
अंदर था एक टूटा हुआ इंसान और टूटा हुआ घर। अंदर था एक टूटा हुआ इंसान और टूटा हुआ घर।
पर मैं... स्वछन्द हूँ ... बँधनों के बाबजूद भी सुनती हूँ मन की आवाज पर मैं... स्वछन्द हूँ ... बँधनों के बाबजूद भी सुनती हूँ मन की आवाज
मेरे हटने के बाद भी देखो किसी ने उसको तोला नहीं। मेरे हटने के बाद भी देखो किसी ने उसको तोला नहीं।
भूलने वाली चीज़ नहीं मैं ताउम्र उसकी स्मृतियों की संदूक में रहूँगी जलती धूनी सी। भूलने वाली चीज़ नहीं मैं ताउम्र उसकी स्मृतियों की संदूक में रहूँगी जलती ...
लेकिन हम अहम को कभी, तोड़ेंगे नहीं किसी के सामने। लेकिन हम अहम को कभी, तोड़ेंगे नहीं किसी के सामने।
मुस्कुराना है जरूरी जीने के लिए, रोज़ एक नकली हँसी चेहरे पे लगता हूँ मैं कोई पढ़ ना ले कहीं इ... मुस्कुराना है जरूरी जीने के लिए, रोज़ एक नकली हँसी चेहरे पे लगता हूँ मैं ...
अंत को देख मैं क्या रुक जाऊँ, क्या थक जाऊँ, या उस अनंत को देख, मै जी जाऊँ, मै उड़ जाऊँ। अंत को देख मैं क्या रुक जाऊँ, क्या थक जाऊँ, या उस अनंत को देख, मै जी जा...
काठ की दीवारों इन पर लटके हुए ताले देख मैं, अपनी आज़ादी की तारीख़ को फिर से आगे पाता हूँ काठ की दीवारों इन पर लटके हुए ताले देख मैं, अपनी आज़ादी की तारीख़ को फिर से आग...
ये जिंदगी का पहिया कुछ इस क़दर चला है, ये शाम होते ही मायूसी का दौर साथ चला है। ये जिंदगी का पहिया कुछ इस क़दर चला है, ये शाम होते ही मायूसी का दौर साथ चला ह...
रोज़ ही कितनी मीठी सी बातें होती हैं ऐसी बेटियाँ घर की रौनक हैं तो तुम भी एक विश्वास रोज़ ही कितनी मीठी सी बातें होती हैं ऐसी बेटियाँ घर की रौनक हैं तो तुम भ...
जीवन का शेष अंश ऐसे ही निकल जाएंगे तुम 75 की हो जाओगी पता ही नहीं चलेगा ! जीवन का शेष अंश ऐसे ही निकल जाएंगे तुम 75 की हो जाओगी पता ही नहीं चलेगा...
मैंने तमन्नाओं को भी रूप बदलते देखा है कभी ग़ालिब का ख़्याल बनते कभी मीर की रुबाई बनते मैंने तमन्नाओं को भी रूप बदलते देखा है कभी ग़ालिब का ख़्याल बनते कभी मीर ...
अब न चौराहे पर मारधाड़ का फिक्र उसके पुराने अजनबी प्रेमियों के साथ अब न त्यौहार में। . अब न चौराहे पर मारधाड़ का फिक्र उसके पुराने अजनबी प्रेमियों के साथ अब न त्...
ना उम्मीद किसी से कोई ना जोश -ए -जुनूँ ना बेज़ारी ही कोई ना ख़्वाहिशों का सैलाब ना उम्मीद किसी से कोई ना जोश -ए -जुनूँ ना बेज़ारी ही कोई ना ख़्वाहिशो...
हर घर में फैला दो ये खबर सेहत पर हो रहा बुरा असर सुधरो भैया, हमरी मानीं याद आ जाएग हर घर में फैला दो ये खबर सेहत पर हो रहा बुरा असर सुधरो भैया, हमरी मानी...
कई पत्ते भी संग ले गई देखता हूँ फूल भी नीचे बिखरे, कीचड़ बन रहे डाली उखड़ कहीं दूर गिरी, ... कई पत्ते भी संग ले गई देखता हूँ फूल भी नीचे बिखरे, कीचड़ बन रहे डाली उखड़...