डोरी थामे हाथ जो
डोरी थामे हाथ जो
डोरी थामे हाथ जो, उनके इंगित बाँच
जैसे भी इंगित मिले, कठपुतली तू नाच।
कठपुतली बस नाच, करे मत सोच-विचारी
दुःख को ही सुख मान, जिन्दगी कटती सारी।
किसे समय है सुने, तर्क की बातें तोरी
सच उसके ही तर्क, हाथ जो थामे डोरी।
