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Kalmkrit 01

Romance Fantasy

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Kalmkrit 01

Romance Fantasy

चलो चलें

चलो चलें

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चलो चलें कहीं दूर

पहाड़ों की ओर,

गगन के पास

सुकुन की ओट।।


जहां हों केवल

तुम, में

और,

 प्रकृति का

अनछुआ समा।।


उस पार जहां हो

नदी का शोर,

सीत लहर सी

माटी की सुगंध।।


जहां बरसता हो,

प्रकृति का असीम

वर्चस्व,

चलो चलें उस ओर

जहां बसता हो प्रकृति का

अनछुआ समा।।


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