STORYMIRROR

Amit Kumar

Romance Others

2  

Amit Kumar

Romance Others

छोड़ने आया था

छोड़ने आया था

1 min
76

छोड़ने आया था वो,

अपनी यादों को,

और इस खिड़की से

मैं उसे जाते हुए देखती रही,

तब तक,

जब तक वो ओझल ना हो गया।


हाँ छोड़ने आया था, 

अपना सब कुछ,

अपनी यादों को,

अपनी सांसों को,

मुझको और अपनी जिंदगी को। 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance