छात्र जीवन ही हैं श्रेष्ठ जीवन
छात्र जीवन ही हैं श्रेष्ठ जीवन
जीवन की हर शाम गुजर जाता है यू
एक शाम मांगा कुछ समय से समय
यादों से निकाला बचपन का पिटारा
मां तो पहली गुरु हमारा ...........
मां तो मां होती है कहाँ दूजा गुरु कोई
मां की लोरी से सीखा कविता का गान
मां की बेलन की मार से सीख सका
स्वर व व्यंजन का ज्ञान...............
लिखा एक खत शिक्षक के नाम
प्रेम भरा नमन करे स्वीकार मेरे गुरु
छात्र जीवन ही हैं श्रेष्ठ जीवन मिला
मिले जहां पर ज्ञान का भण्डार.....
छात्र का जीवन, मौज -मस्ती का
मिलता सभी का स्नेह और आशीष
पढाई के अतिरिक्त जीवन में नही
जिम्मेदारी कोई आस -पास.......
छुआ -छूत का मन में ना ध्यान
मेरा टिफिन में दोस्तो का नाम
गीली डांडा खेल के खिलाड़ी
कभी हार कभी जीत.......
बड़े खट्टे - मीठे से पल थे हमारे
विद्यालय से महाविद्यालय जब पहुंचे
महाविद्यालय की एक नई कहानी
एक राजा एक रानी ...............
छात्र जीवन मस्त मौला हो दिन रात
हरदम मिलता मौज मस्ती का साथ
यू निकल जाता सुनहरा छात्र जीवन
जैसे गुजरता है सुबह से रात ...
