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Debabrata Mishra

Abstract

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Debabrata Mishra

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चेहरा

चेहरा

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एक चेहरे ने... 


दिल में जगाया है नया अरमान

दिखाया है लफ्ज़ का एक आसमान

समझाया है एहसास की मिठास

दिखाया है शब्दों के कुछ लिबास, 


एक चेहरे ने... 


हमें तो बड़ा दिवाना बना दिया

कुछ लेख लीखना सिखा दिया

कोई कुछ भी बोले हम सुन लेगें

ईश्वर है हमें वक्त पर ही बुनदेगें, 


एक चेहरे ने...


हमें कहा तुम सपने सजाया करो

झूठ ही सही कभी मुस्कुराया करो

सफर क्या है और जीन्दगी क्या है

बताया है ठान लो तो मंजिल क्या है, 


एक चेहरे ने... 


मन्त्र दिया है हारकर जीतने का

पहले खुद सुनकर फिर बोलने कि

नफरतों का काफिला दिल से हटाया

फूल बनकर मेरा आंगन महकाया॥ 



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