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Sudhir Srivastava

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चौपाई - संत रविदास जयंती

चौपाई - संत रविदास जयंती

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संत रविदास जयंती (०१ फरवरी) पर विशेष 
चौपाई 

माघ मास पूनम को जन्में।
भक्ति भाव था खासा जिनमें।।
पितु संतोष मातु  हैं कर्मा।
रविदास ईश प्रभु धर्मा।।

कर्मशील प्राणी रविदासा।
रखता सदा ईश विश्वासा।।
समाजिक सुधार थे लाए।
संत शिरोमणि आप कहाए।।

सामाजिक सद्भाव दिखाया ।
जाति पाति का भेद मिटाया॥
निश्चल धारा भक्ति बहाया।
जीवन का फिर सार बताया॥

कर्म निरंतर करते रहते।
ध्यान मगन रह सदा विचरते।।
गंगा मैय्या आप थीं आईं।
लाज भक्त की मातु बचाईं।।

कभी  नहीं  मन  मैला  राखा।
ईश कृपा का फल था चाखा।।
धर्म  कर्म  की  ज्योति  जगाए।
योगी   संत   सुजान  कहाए।।

छोटा-बड़ा  कर्म  नहीं  माना।
ईश  कृपा  को  सबमें माना।।
भटक रहा क्यों प्राणी जग में।
ईश्वर  तो   है  तेरे  मन  में।।

मीराबाई   गुरु   रैदासा।
सतपथ पर उनका विश्वासा।।
गुरु ग्रंथ में जगह हैं पाए।
भक्ति भजन रसधार बहाए।

सत्य मार्ग दर्शाए ज्ञानी।
दुनिया कहती आप कहानी।।
मीरा के गुरु पद अनुरागी।
अद्भुत संत दास बैरागी।।

जन्म जयंती आज मनाऊँ।
श्रद्धा से नित पुष्प चढ़ाऊँ।
नमन आपको शत-शत बारा।
शीश झुकाए सब संसारा।।

सुधीर श्रीवास्तव 


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