SHUBHAM KUMAR
Romance
मेरा हर दाग़-ए-दिल
कम नहीं चाँद से,
चाँदनी मेरे घर से
कहाँ जाएगी।
मेरी किस्मत में है
जो तुम्हारी कमी,
वो कमी मेरे दर से
कहाँ जाएगी ?
तू और मैं
चाँद
आधुनिक दोस्ती
जरा-जरा सी हल्की-हल्की सी उनकी कमी है, कभी आते हैं पास तो कभी हो जाते हैं दूर। जरा-जरा सी हल्की-हल्की सी उनकी कमी है, कभी आते हैं पास तो कभी हो जाते हैं दूर...
प्यार दिल से करोगे तो प्यार पाओगे दिल की गहराइयों में,तुम खो जाओगे। प्यार दिल से करोगे तो प्यार पाओगे दिल की गहराइयों में,तुम खो जाओगे।
तुम हो मुस्कान का जहान मेरी , जिंदगी में मेहमान मेरी .. तुम हो मुस्कान का जहान मेरी , जिंदगी में मेहमान मेरी ..
खनक उठे इसकी भी बोली, हृदय प्रेम के पुष्प खिले। खनक उठे इसकी भी बोली, हृदय प्रेम के पुष्प खिले।
कोई तो होगा जो मेरे बारे लिखता होगा मुझे हंसता देख वो भी खुश होता होगा ! कोई तो होगा जो मेरे बारे लिखता होगा मुझे हंसता देख वो भी खुश होता होगा !
एक जैसी है हम दोनों की पीर, जी को भेदती है बन के तीर एक जैसी है हम दोनों की पीर, जी को भेदती है बन के तीर
जहां सितारों की भीड़ में भी चांद तन्हा नज़र नहीं आता जहां सितारों की भीड़ में भी चांद तन्हा नज़र नहीं आता
इन यादों के सहारे ज़िंदगी गुज़रने लगी है बिगड़ी थी तक़दीर अब यूँ सँवरने लगी है! इन यादों के सहारे ज़िंदगी गुज़रने लगी है बिगड़ी थी तक़दीर अब यूँ सँवरने लगी ह...
नोटों से लबालब भरे थे जेब मेरे मैं रातों की हवस खरीदने निकला था ! नोटों से लबालब भरे थे जेब मेरे मैं रातों की हवस खरीदने निकला था !
जब वक़्त भी साथ छोड़ जाए तब सपनों को जीना आसान नहीं होता जब वक़्त भी साथ छोड़ जाए तब सपनों को जीना आसान नहीं होता
सूरत में उसकी नूर है इतना ए चाँद तू भी शरमाएगा सूरत में उसकी नूर है इतना ए चाँद तू भी शरमाएगा
बहावे गोरी अँखिया नीर नजरिया जुड़ाला सजनी बहावे गोरी अँखिया नीर नजरिया जुड़ाला सजनी
इस दिल को ऐसे ना तोड़, के यह अपना घर का रास्ता ही भूल जाये। इस दिल को ऐसे ना तोड़, के यह अपना घर का रास्ता ही भूल जाये।
खुद से बातें करना अब अच्छा लगता है बंद कमरों में रहना अब अच्छा लगता है! खुद से बातें करना अब अच्छा लगता है बंद कमरों में रहना अब अच्छा लगता है!
मेरे आँखों के पानी में ज्यादा नमक था या समुद्र में मेरे आँखों के पानी में ज्यादा नमक था या समुद्र में
पति-पत्नी के रिश्ते में तुम अपना फर्ज़ बखूबी निभाती हो पति-पत्नी के रिश्ते में तुम अपना फर्ज़ बखूबी निभाती हो
वादा है तुमसे कि फिर वादा नही करूंगा इश्क़ है तुमसे कि झूठा इरादा नही करूंगा! वादा है तुमसे कि फिर वादा नही करूंगा इश्क़ है तुमसे कि झूठा इरादा नही करूंगा...
तुम याद आते रहे कि आज तुम्हें याद नहीं करना है! तुम याद आते रहे कि आज तुम्हें याद नहीं करना है!
तुम्हें मेरे प्यार पर कोई शक है दिन के तेरे दो घंटे पर भी क्या मेरा नहीं हक है तुम्हें मेरे प्यार पर कोई शक है दिन के तेरे दो घंटे पर भी क्या मेरा नहीं हक ह...
काश हर जज्बात को लफ्ज मिल जाते जो दिल की हर बात बयान कर पाते! काश हर जज्बात को लफ्ज मिल जाते जो दिल की हर बात बयान कर पाते!