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Pranav Jha

Romance

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Pranav Jha

Romance

बोलना

बोलना

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क्यूँ तेरे चेहरे की वो हँसी

ना जाने गुमशुदा सी हो गई।


क्यूँ तेरी आंखों से वो नूर

ना जाने जुदा सा हो गया,


क्यूँ मेरे आने से

तेरे दिल गम सा हो गया,


बोलना, क्या मेरा प्यार

तेरे लिए कम सा हो गया।


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