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Prem Bajaj

Inspirational

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Prem Bajaj

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बंद

बंद

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जनाब ये भारत है,

यहां धर्म जाति अनेको अनेक हैं।

यहां राम की रामायण,

कृष्ण की लीला और दुर्योधन की

महाभारत है फिर भी हम एक हैं।


एक बेटा फैक्ट्री बंद करके घर आया

तो पिता ने यूं फ़रमाया,

कर्मों तूने फैक्ट्री पे ताला लगाया

क्या तेरे अलावा किसी ने भी

बंद का बिगुल बजाया।


बोला नहीं पापा पहले मैंने

फैक्ट्री पे ताला लगाया,

मुझे देख पड़ोसी भी आगे आया

और सबको बंद का महत्व समझाया।


फिर मेरे दोस्तों ने भी बंद का बिगुल

बजाया, और सबको समझाया

कि मोदी जी दे रहे बंद का ज्ञान

क्या तुम्हें नहीं अपना और

अपने परिवार की ख़ुशियों का ख़्याल ?  


ऐसा करके एक एक ने मिलकर

साथ निभाया और बंद को

सही रास्ता बताया,

लेकिन पापा आप क्यूँ जा रहे हैं दफ़्तर,

देंगे तन्ख्वाह भी तुम्हें ले लो छुट्टी

जब कहते आपके अफ़सर।


मत जाओ आप भी दफ्तर,

चलो सबको समझाए इस बंद का महत्व।


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