Kuhu Kacher
Fantasy Children
आलू भी बिरयानी,
मटर भी बिरयानी,
गोभी भी बिरयानी,
मैं हूँ राजकुमारी बिरयानी
माँ बोले यह खायो
माँ बोले वह खायो
पर मैं कहूं बिरयानी खायो
मस्त हो जायो।
आसमान से तरंग...
बिरयानी बिरया...
कुछ समझ ना आए तो पानी उबाल के रखिए। कुछ समझ ना आए तो पानी उबाल के रखिए।
तुम प्रेम का गीत, हृदय का नांद हो मैंने संगीत को मौसम में घुलते देखा है तुम प्रेम का गीत, हृदय का नांद हो मैंने संगीत को मौसम में घुलते देखा है
दिल तो ले ही लिया तुमने घायल कर अपनी इन अदाओं से जान भी ये अब तुम्हारी है चाहे पूछ लो दिल तो ले ही लिया तुमने घायल कर अपनी इन अदाओं से जान भी ये अब तुम्हारी है चाह...
हां यह सच है कि आज इजहार-ए- इश्क करते हैं तुमसे। हां यह सच है कि आज इजहार-ए- इश्क करते हैं तुमसे।
भावनाओं की डोर पर तर्क के खंजर से न वार करना भावनाओं की डोर पर तर्क के खंजर से न वार करना
मुझसे दूर हो मगर ये हमेशा मुझे तुम्हारी याद दिलाते रहते हैं। मुझसे दूर हो मगर ये हमेशा मुझे तुम्हारी याद दिलाते रहते हैं।
मंत्रमुग्ध होकर इश्क़ की हरी ज़मीन पर जिंदगी के बाद भी, उम्र के बाद भी हमेशा के लिए। मंत्रमुग्ध होकर इश्क़ की हरी ज़मीन पर जिंदगी के बाद भी, उम्र के बाद भी हमेशा ...
वो कितना हसीन है पल , जहाँ मिलते हैं दो दिल वो कितना हसीन है पल , जहाँ मिलते हैं दो दिल
जिस की आवाजें पल पल तुम्हें जगा देती, वह हमसफ़र यार तेरा सिर्फ मैं हूं जिस की आवाजें पल पल तुम्हें जगा देती, वह हमसफ़र यार तेरा सिर्फ मैं हूं
मलमल से अहसासों के ताने बाने में भावनाओं के धागे क्यों पिरो जाती हो मलमल से अहसासों के ताने बाने में भावनाओं के धागे क्यों पिरो जाती हो
किताबों से यकीनन जी 'हिया' अब भर गया होगा वो मुद्दत बाद लौटा है मिरा दर खटखटाने को। किताबों से यकीनन जी 'हिया' अब भर गया होगा वो मुद्दत बाद लौटा है मिरा दर खटखट...
जिस समंदर में समाने के लिए भागी जा रही हूँ वह खारा है जिस समंदर में समाने के लिए भागी जा रही हूँ वह खारा है
मैं उनसे ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाता रहूं और अपने परिवार को हर खुशी देता रहूं ! मैं उनसे ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाता रहूं और अपने परिवार को हर खुशी देता रहूं...
मुसलसल खुशियों के लिये हल खोजा गया मुसलसल खुशियों के लिये हल खोजा गया
बाते करते करते तेरा रो देना वह भावात्मक भाव तुम्हारा हो बाते करते करते तेरा रो देना वह भावात्मक भाव तुम्हारा हो
सबके लिए खास-खास बनें यहां, बस तुम अपनी पहचान ले बंदे। सबके लिए खास-खास बनें यहां, बस तुम अपनी पहचान ले बंदे।
इसलिए वह कुछ बोलता नहीं है सिर्फ देखता रहता है, मुस्कुराता रहता है। इसलिए वह कुछ बोलता नहीं है सिर्फ देखता रहता है, मुस्कुराता रहता है।
वो लोग जिन्होंने देखा ये चेहरा तो कई दफ़ा फिर भी पढ़ा नहीं इस चेहरे को कभी , वो लोग जिन्होंने देखा ये चेहरा तो कई दफ़ा फिर भी पढ़ा नहीं इस चेहरे को कभी ...
भर दे एहसास अपने होने का कि मैं हूं ना सिर्फ तुम्हारे लिए, स्त्री बस यही तो चाहती ह भर दे एहसास अपने होने का कि मैं हूं ना सिर्फ तुम्हारे लिए, स्त्री बस यही तो ...
कभी सामने आ खड़ी हो जाती है कभी कदमों के नीचे आ जाती है कभी सामने आ खड़ी हो जाती है कभी कदमों के नीचे आ जाती है