STORYMIRROR

Kumar Ritu Raj

Abstract

4  

Kumar Ritu Raj

Abstract

बी पॉजिटिव

बी पॉजिटिव

1 min
389

माना हम हारे, हार ही सही, प्रयास तो था

धोखा ही सही, कुछ सीखने का एहसास तो था।

माना थोड़ी तकलीफ हुई ,थोड़े धन भी गये

थोड़ी हिम्मत हारी, थोड़े दर्द भी सहे।

ये बस शुरूआत तो था

और ये सोचना

बी पॉजिटिव का एहसास जो था।


माना झूठा था, झूठ ही सही, थोरा प्यार तो था

बेकार ही सही, एक बार तो था

माना दिल टूटे, कुछ नैन बहे

कुछ साथ छूटे, कुछ मन रूठे

ये बस शुरुआत तो था

और ये सोचना

बी पॉजिटिव का एहसास जो था।


माना स्वास्थ बिगड़े, बुरे ही सही,

दुनिया में होने का एहसास तो था

कई बार ही सही, साथ तेरे कुछ सांस तो था

माना थोड़े तकलीफ सहे, कुछ दिन भी रुठे

जी भी ना लगे कुछ नैन भी बहे

ये बस शुरूआत तो था

और ये सोचना

बी पॉजिटिव का एहसास जो था।


माना समस्या आई, समस्या ही सही, समाधान तो था

थोड़ी बड़ी ही सही, तू खुद के साथ तो था

कुछ जतन करने पड़े, कभी अपनों से लड़े

कभी हार भी मिले, कभी जीत भी गए

ये बस शुरूआत तो था

और ये सोचना

बी पॉजिटिव का एहसास जो था।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract